अगर दिल की धड़कन 100 से ऊपर हो तो क्या होगा?HealthPlanet

Posted on Wed 8th Mar 2023 : 11:01

आपका दिल नॉर्मल रेंज 60 -100 बीट प्रति मिनट की गति से धड़कता है। लेकिन जब कभी यह तेजी से धड़कने लगे, तो इस कंडीशन को टाचिकार्डिया कहते हैं। हार्ट बीट के तेज होने का मतलब है कि यह अपनी क्षमता से ज्यादा तेज धड़क रहा है। ऐसी स्थिति में आपको सीने में दर्द महसूस हो सकता है।

क्या आपके साथ ऐसा होता है जब दिल की धड़कन अचानक से तेज हो जाए, दिल में घबराहट सी महसूस होने लगे। अगर हां, तो कभी आपने सोचा है ऐसा क्यों होता है। दरअसल, आपकी बॉडी आपके दिल के काम करने की स्थिति पर निर्भर करती है। दिल जितना एक्टिव रहेगा, बॉडी उतना अच्छा वर्क करेगी। इसलिए डॉक्टर्स हमेशा ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को संतुलित रखने की सलाह देते हैं।

कभी-कभी सामान्य रूप से भी दिल तेजी से धड़कने लगता है। घबराहट और कमजोरी महसूस होती है। वैसे तो ऐसा होना आम है, लेकिन अक्सर ही आपके साथ ऐसा हो, तो चिंता की बात है। जब भी हार्ट बीट के साथ ऐसा हो, तो इसे आरेथमिया कहते हैं। दुलर्भ मामलों में धड़कन की स्थिति में बदलाव सीरियस हार्ट कंडीशन का संकेत होता है। शरीर को दिल की बीमारियों से बचाने के लिए दिल की धड़कन को संतुलित रखने की जरूरत होती है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे दिल की धड़कन से जुड़ी स्थितियों, लक्षणों और उनके समाधान के बारे में।

क्या होता है , जब हार्ट बीट तेज हो जाए

आपका दिल नॉर्मल रेंज 60 -100 बीट प्रति मिनट की गति से धड़कता है। लेकिन जब कभी यह तेजी से धड़कने लगे, तो इस कंडीशन को टाचिकार्डिया कहते हैं। हार्ट बीट के तेज होने का मतलब है कि यह अपनी क्षमता से ज्यादा तेज धड़क रहा है। ऐसी स्थिति में आपको सीने में दर्द महसूस हो सकता है।

कारण-

दिल की बीमारी
फेफड़ों से जुड़ी बीमारी
जन्म से एबनॉर्मल हार्ट स्ट्रक्चर की समस्या
बुखार रहना
डिहाइड्रेशन

समाधान

शराब और कॉफी का सेवन कम करें। अपनी आंखें बंद करें और आंखों के गोले को हल्के हाथ से दबाएं। आराम मिलेगा। जितना हो सके आराम करें। यदि कुछ मिनटों तक आपको सीने में दर्द बना रहे और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें।

दिल की धड़कन धीमी होने पर क्या होता है
कभी धड़कन तेज तो कभी धीमी भी हो सकती है। वैसे तो ऐसा होना सामान्य है। ऐसा तब होता है, जब किसी व्यक्ति की हार्ट रेट 60 बीट प्रति मिनट से कम हो जाए। इस स्थिति को ब्राडीकार्डिया कहते हैं। एथलीटों में ऐसा होना आम है, लेकिन सामान्य व्यक्ति के हार्ट बीट स्लो होने का मतलब है दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक से ना होना। इस स्थिति में व्यक्ति को थकावट, कमजोरी और चक्कर भी आ सकते हैं।

कारण-

हाई ब्लड प्रेशर
सोने में तकलीफ होना
जन्म से ह्दय से जुड़ी समस्याएं
हार्ट टिशू में डैमेज होना

समाधान

हार्ट बीट स्लो हो जाए, तो डॉक्टर इनके कारणों का उपचार करने का सुझाव देते हैं। कोशिश करें, कि बॉडी को अच्छी मात्रा में ब्लड मिलता रहे। हार्ट बीट जरूरत से ज्यादा कम होने की स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इसके लक्षणों को ज्यादा देर तक नजरअंदाज न करें।

जब दिल की धड़कन रूक जाए

ऐसा सुनकर ही मन घबराने लगता है। लेकिन, ऐसा कब होता है आपको पता भी नहीं चलता और कुछ समझ नहीं आता कि ये क्या हुआ। लेकिन हार्ट बीच जब अचानक से स्किप यानि रूक जाए और फिर दिल धड़कने लगे, तो इस कंडीशन को हार्ट पेल्पिटेशन कहते हैं। कहीं न कहीं ये हार्ट अटैक का संकेत होता है, इसलिए कभी आपके साथ ऐसा हो, तो ज्यादा देर तक न करते हुए डॉक्टर से बात करें।
कारण-



धुम्रपान
पैनिक अटैक
तनाव और अवसाद
अधिक कैफीन का सेवन
लो ब्लड प्रेशर
तेज बुखार

समाधान

अचानक बैठे-बैठे हार्ट बीट स्किप हो जाए, तो घबराएं नहीं, बल्कि गहरी सांस लें। चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे डालें। अनावश्यक तनाव लेने से बचें, वरना स्थिति बदतर हो सकती है। इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए आप हार्ट रेट को कंट्रोल कर सकते हैं। इस दौरान आपको अगर चक्कर आएं, सीने में दर्द के साथ हल्की बेहोशी महसूस हो, तो डॉक्टर के पास जाएं। क्योंकि ये स्थितियां गंभीर ह्दय रोग का संकेत देती हैं।

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